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सैनिक स्कूल में एडमिशन कैसे होता है: AISSEE की पूरी प्रक्रिया

सैनिक स्कूल में एडमिशन कैसे होता है? कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश एक ही राष्ट्रीय परीक्षा से होता है: ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्ज़ामिनेशन (AISSEE), जो राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) कराती है। प्रक्रिया यह है: ऑनलाइन फ़ॉर्म, परीक्षा फ़ीस, OMR पर लिखित परीक्षा, परिणाम, फिर ई-काउंसलिंग, जिसमें रैंक, पसंद के स्कूल, मेडिकल फ़िटनेस और मूल दस्तावेज़ों की जांच के आधार पर सीट मिलती है। बुलेटिन में इंटरव्यू या SSB जैसे किसी चरण का ज़िक्र नहीं है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के बहुत-से परिवार अपने बच्चे के लिए यही रास्ता देखते हैं। इस पेज में फ़ॉर्म, फ़ीस, परीक्षा, परिणाम, काउंसलिंग और मेडिकल का क्रम हिंदी में दिया गया है, साथ में माता-पिता को मिलने वाले शब्दों (OMR, ई-काउंसलिंग, होम स्टेट कोटा) का सरल अर्थ। आंकड़े NTA के AISSEE 2026 सूचना बुलेटिन से हैं, जो अभी का सबसे ताज़ा प्रकाशित बुलेटिन है।

सैनिक स्कूल प्रवेश: एक नज़र में

बिंदुAISSEE 2026 बुलेटिन के अनुसार
परीक्षा कौन कराता हैराष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA)
प्रवेश की कक्षाएंकक्षा 6 और कक्षा 9
स्कूलदेश के 33 सैनिक स्कूल और मंज़ूर किए गए नए सैनिक स्कूल
तरीक़ालिखित, बहुविकल्पीय, OMR शीट पर
आवेदन की खिड़की (2026 चक्र)10 से 30 अक्टूबर 2025
परीक्षा (2026 चक्र)18 जनवरी 2026
परीक्षा शुल्कजनरल, रक्षाकर्मियों व पूर्व सैनिकों के बच्चे और OBC (नॉन-क्रीमी लेयर): ₹850; SC/ST: ₹700
परिणामपरीक्षा के छह सप्ताह के भीतर, फिर ई-काउंसलिंग

अगली परीक्षा के बारे में: NTA की 16 सितंबर 2026 की अस्थायी परीक्षा-तालिका में AISSEE 31 जनवरी 2027 को दर्ज है। तारीख़ें बदल सकती हैं, और 10 अक्टूबर 2026 तक NTA के पेज पर AISSEE 2027 का बुलेटिन नहीं आया है। 2026 के चक्र में फ़ॉर्म अक्टूबर में खुले थे और परीक्षा जनवरी में हुई, इसलिए NTA का पेज अभी से देखते रहें।

सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए उम्र कितनी चाहिए?

आयु 31 मार्च को गिनी जाती है। 2026 के बुलेटिन में आयु-सीमा ये थी:

प्रवेश की कक्षा31 मार्च 2026 को आयुजन्म की तारीख़
कक्षा 610 से 12 साल1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2016
कक्षा 913 से 15 साल1 अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2013

2027 में प्रवेश चाहने वालों के लिए खिड़की एक साल आगे खिसकेगी और नया बुलेटिन तारीख़ें छापेगा। कक्षा 9 में प्रवेश के लिए बच्चे का कक्षा 8 पास होना भी ज़रूरी है। लड़कियां भी आवेदन कर सकती हैं: बुलेटिन में कक्षा 6 में लड़कियों के लिए प्रवेश खुला है, और कक्षा 9 में रिक्तियों की उपलब्धता के अनुसार। कुछ नए सैनिक स्कूलों की लड़कियों के लिए अपनी नीति है, इसलिए आवेदन से पहले उस स्कूल की वेबसाइट देख लें।

परीक्षा का पैटर्न: सैनिक स्कूल का पेपर

दोनों कक्षाओं के पेपर बहुविकल्पीय हैं और ग़लत उत्तर पर कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है। इसलिए हर प्रश्न का उत्तर दें, क्योंकि सोच-समझकर लगाया गया अंदाज़ा खाली छोड़ने से बेहतर है।

कक्षा 6 (125 प्रश्न, 300 अंक, 150 मिनट)

खंडप्रश्नप्रति प्रश्न अंककुल अंक
भाषा25250
गणित503150
बुद्धि (इंटेलिजेंस)25250
सामान्य ज्ञान25250

कक्षा 9 (150 प्रश्न, 400 अंक, 180 मिनट)

खंडप्रश्नप्रति प्रश्न अंककुल अंक
गणित504200
बुद्धि (इंटेलिजेंस)25250
अंग्रेज़ी25250
सामान्य विज्ञान25250
सामाजिक विज्ञान25250

दोनों पेपर में आधे अंक गणित के हैं। तैयारी की योजना बनाते समय यही सबसे ज़रूरी तथ्य है। हिंदी माध्यम के परिवारों के लिए अच्छी बात यह है कि कक्षा 6 का प्रश्नपत्र हिंदी सहित 13 भाषाओं में से किसी में दिया जा सकता है, और हिंदी या अंग्रेज़ी चुनने पर द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेज़ी) पुस्तिका मिलती है। कक्षा 9 का पेपर सिर्फ़ अंग्रेज़ी में है।

कितने अंक लाने पर सीट मिलती है?

मौजूदा 33 सैनिक स्कूलों के लिए बुलेटिन में हर विषय में कम से कम 25 प्रतिशत और कुल मिलाकर 40 प्रतिशत अंक चाहिए। SC और ST उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक तय नहीं हैं, वे प्रवेश परीक्षा में आपसी मेरिट के आधार पर लिए जाते हैं। इसके बाद स्कूल-वार, लिंग-वार और श्रेणी-वार (होम स्टेट और आउटसाइड स्टेट) मेरिट सूची बनती है। यानी सिर्फ़ पास होना काफ़ी नहीं, रैंक मायने रखती है।

बुलेटिन के अनुसार 67 प्रतिशत सीटें उस राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में रहने वाले (डोमिसाइल वाले) उम्मीदवारों के लिए हैं जहां सैनिक स्कूल है, और 33 प्रतिशत अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए। श्रेणी-आरक्षण और रक्षाकर्मियों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत जैसे प्रावधान भी बुलेटिन में हैं, और बुलेटिन यह भी बताता है कि आरक्षण मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में दायर एक अपील के परिणाम के अधीन है। इसलिए स्कूल चुनने से पहले अपना बुलेटिन ख़ुद पढ़ें।

माता-पिता के लिए छोटा शब्दकोश

शब्दइसका मतलब
OMR शीटउत्तर लिखने की जगह गोले भरने वाली शीट। काले या नीले पेन से गोला पूरा भरना होता है, और परीक्षा के अभ्यास में यह तरीक़ा सीख लेना चाहिए।
ई-काउंसलिंगपरिणाम के बाद का ऑनलाइन चरण, जिसमें योग्य उम्मीदवार पोर्टल पर दोबारा पंजीकरण करते हैं और रैंक व पसंद के स्कूल के अनुसार सीट पाते हैं। इसे AISSAC कहा जाता है।
होम स्टेटवह राज्य जहां का आपका डोमिसाइल है और जहां का सैनिक स्कूल आपने आवेदन में चुना है। उसी राज्य के बच्चों के लिए 67 प्रतिशत सीटें हैं।
आउटसाइड स्टेटसैनिक स्कूल वाले राज्य से बाहर के उम्मीदवार, जिनके लिए 33 प्रतिशत सीटें हैं। किसी एक राज्य के उम्मीदवारों को इस कोटे में तय सीमा से ज़्यादा सीटें नहीं मिलतीं।
मेरिट सूचीस्कूल, लिंग और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग बनने वाली रैंक सूची। सीट इसी रैंक से तय होती है।
नए सैनिक स्कूल (NSS)रक्षा मंत्रालय की मंज़ूरी से चल रहे नए सैनिक स्कूल, जिनकी प्रवेश नीति और सीटें बुलेटिन के परिशिष्टों में अलग दी गई हैं।

प्रवेश की प्रक्रिया: क्रम से

  1. ऑनलाइन आवेदन: NTA की वेबसाइट पर पंजीकरण, फ़ॉर्म में स्कैन किए चित्र और हस्ताक्षर, और ऑनलाइन फीस। भरने के बाद कन्फ़र्मेशन पेज का प्रिंट लें।
  2. दस्तावेज़ तैयार रखें: बच्चे की फ़ोटो, हस्ताक्षर, जन्म तिथि का प्रमाण, डोमिसाइल प्रमाणपत्र और जहां लागू हो, श्रेणी प्रमाणपत्र।
  3. एडमिट कार्ड और परीक्षा: परीक्षा शहर की सूचना और एडमिट कार्ड NTA की वेबसाइट पर आते हैं। परीक्षा OMR पर होती है।
  4. परिणाम: बुलेटिन के अनुसार परीक्षा के छह सप्ताह के भीतर।
  5. ई-काउंसलिंग: योग्य उम्मीदवार पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं और रैंक के आधार पर सीट पाते हैं।
  6. मेडिकल और दस्तावेज़ सत्यापन: प्रवेश तभी पक्का होता है जब सक्षम चिकित्सा अधिकारी फ़िट घोषित करें और मूल दस्तावेज़ जांचे जाएं।

उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा के सैनिक स्कूल

बुलेटिन के परिशिष्ट में 33 सैनिक स्कूलों की सूची है। हमारे मुख्य क्षेत्रों के स्कूल ये हैं:

राज्यसैनिक स्कूल
उत्तराखंडसैनिक स्कूल घोड़ाखाल
उत्तर प्रदेशसैनिक स्कूल मैनपुरी, झांसी और अमेठी
बिहारसैनिक स्कूल नालंदा और गोपालगंज
राजस्थानसैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ और झुंझुनू
मध्य प्रदेशसैनिक स्कूल रीवा
हरियाणासैनिक स्कूल कुंजपुरा और रेवाड़ी

एक भ्रम दूर कर दें: देहरादून में कोई सैनिक स्कूल नहीं है। उत्तराखंड का सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में है। देहरादून सिर्फ़ AISSEE का परीक्षा शहर है, इसलिए यहां रहने वाले बच्चे परीक्षा स्थानीय रूप से दे सकते हैं। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) देहरादून में है, पर वह अलग संस्थान है जिसकी अपनी परीक्षा और प्रक्रिया है। देखें आरआईएमसी प्रवेश प्रक्रिया।

कक्षा 6 या कक्षा 9: बच्चे के लिए कौन-सा प्रवेश ठीक है?

कक्षा 6 से शुरुआत का मतलब है सात साल का आवासीय, अनुशासित वातावरण। यह उन परिवारों के लिए ठीक बैठता है जो सैन्य रास्ते और बोर्डिंग जीवन के बारे में निश्चित हैं। पेपर प्राथमिक कक्षाओं की बुनियाद परखता है और 300 में से 150 अंक गणित के हैं। कक्षा 9 उन बच्चों के लिए है जो स्कूल स्तर के गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में सहज हैं और वरिष्ठ कक्षाओं के लिए सैनिक स्कूल का माहौल चाहते हैं। पेपर अंग्रेज़ी में है, तीन घंटे का है और 400 में से 200 अंक गणित के हैं। जो भी कक्षा चुनें, कम से कम एक साल की नियमित तैयारी रखें।

सैनिक स्कूल की तैयारी कैसे करें?

  • गणित की बुनियाद शुरू से मज़बूत करें। कक्षा 6 के लिए अंकगणित, भिन्न, अनुपात, ज्यामिति और क्षेत्रमिति; कक्षा 9 के लिए बीजगणित, ज्यामिति और संख्या पद्धति।
  • बुद्धि (इंटेलिजेंस) खंड का रोज़ अभ्यास करें। तर्क, पैटर्न, श्रृंखला और सादृश्य थोड़े-से रोज़ के अभ्यास से जल्दी सुधरते हैं।
  • भाषा और अंग्रेज़ी के लिए पढ़ें। अख़बार और कहानियों की किताबें पढ़ने की आदत डालें।
  • समय लगाकर OMR सेट हल करें। गोला भरने की रफ़्तार और सावधानी दोनों का अभ्यास करें।
  • सेहत का ध्यान रखें। प्रवेश के लिए मेडिकल फ़िटनेस चाहिए, इसलिए नियमित खेल और अच्छा खान-पान रखें।

अगर आप चाहते हैं कि बच्चे की तैयारी का तरीक़ा, बैच का आकार और शिक्षक की सहायता आपके बच्चे के अनुकूल हो, तो GS India Defence Academy देहरादून में सैनिक स्कूल की क्लासरूम कोचिंग चलती है। अकादमी देखने और मुफ़्त काउंसलिंग के लिए +91 70170 31757 पर फ़ोन या WhatsApp करें। फीस का ब्योरा फीस स्ट्रक्चर पेज पर है।

माता-पिता से होने वाली आम ग़लतियां

  • अधिसूचना का इंतज़ार करके तैयारी देर से शुरू करना। आवेदन की खिड़की छोटी होती है और परीक्षा कुछ ही हफ़्तों बाद होती है।
  • स्कूल सिर्फ़ नाम देखकर चुनना, और होम स्टेट व आउटसाइड स्टेट की सीटों का फ़र्क़ न देखना।
  • मेडिकल की बात काउंसलिंग शुरू होने तक टाल देना।
  • कोचिंग को स्कूल की पढ़ाई का विकल्प मान लेना। परीक्षा स्कूल स्तर की अवधारणाओं पर बनी है।
  • पुरानी जानकारी पर भरोसा करना। आयु-सीमा, फीस और तारीख़ें हर चक्र में बदलती हैं।
स्रोत और आधिकारिक लिंक

सैनिक स्कूल एडमिशन पर आम सवाल

FAQs

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सैनिक स्कूल में किन कक्षाओं में एडमिशन मिलता है?

कक्षा 6 और कक्षा 9 में, AISSEE के ज़रिए। बुलेटिन में 33 सैनिक स्कूल और मंज़ूर किए गए नए सैनिक स्कूल शामिल हैं।

क्या सैनिक स्कूल एडमिशन में इंटरव्यू होता है?

बुलेटिन में प्रवेश का आधार लिखित परीक्षा की मेरिट, ई-काउंसलिंग, मेडिकल फ़िटनेस और दस्तावेज़ सत्यापन बताया गया है। इंटरव्यू या SSB जैसे किसी चरण का उसमें उल्लेख नहीं है।

क्या देहरादून में सैनिक स्कूल है?

नहीं। AISSEE 2026 बुलेटिन में उत्तराखंड का सैनिक स्कूल घोड़ाखाल बताया गया है। देहरादून परीक्षा शहर है। देहरादून का RIMC अलग संस्थान है।

क्या लड़कियां सैनिक स्कूल के लिए आवेदन कर सकती हैं?

हां। बुलेटिन में कक्षा 6 में लड़कियों के लिए प्रवेश खुला है और कक्षा 9 में रिक्तियों की उपलब्धता के अनुसार। लड़कों और लड़कियों की मेरिट सूची अलग बनती है।

सैनिक स्कूल में पास होने के लिए कितने अंक चाहिए?

मौजूदा सैनिक स्कूलों के लिए हर खंड में 25 प्रतिशत और कुल 40 प्रतिशत, SC/ST के लिए यह शर्त नहीं है। पर सीट रैंक से मिलती है।

क्या AISSEE में नेगेटिव मार्किंग है?

नहीं। बुलेटिन के अनुसार ग़लत उत्तर पर कोई कटौती नहीं होती।

सैनिक स्कूल की फीस कितनी है?

हर स्कूल की फीस अलग है और बुलेटिन उम्मीदवारों को संबंधित स्कूल की वेबसाइट देखने को कहता है। इसलिए हम यहां कोई एक संख्या नहीं लिख रहे।

देहरादून में सैनिक स्कूल की तैयारी के लिए GS India Defence Academy की Sainik School Coaching in Dehradun पेज पर कोर्स और हॉस्टल की जानकारी पढ़ें। लड़के और लड़कियों के हॉस्टल अलग हैं और ऑनलाइन क्लास नहीं चलतीं। अंग्रेज़ी में पूरा गाइड Sainik School Admission through AISSEE पर है।

सैनिक स्कूल

सैनिक स्कूल की तैयारी: अकादमी देखकर फ़ैसला करें