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एनडीए में लड़कियां: पात्रता, आयु, ऊंचाई और सीटें

NDA me girls ki seat कितनी होती है? NDA और NA परीक्षा (II) 2026 की UPSC अधिसूचना में कुल 394 अनुमानित रिक्तियां थीं, जिनमें से 24 लड़कियों के लिए रखी गई थीं और 370 लड़कों के लिए। हां, लड़कियां एनडीए में जा सकती हैं। वे वही परीक्षा देती हैं, वही सिलेबस पढ़ती हैं और उसी SSB से गुज़रती हैं। फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि सीटें और मेरिट सूची लड़कों से अलग बनती हैं।

यह पेज उन माता-पिता के लिए है जो पूछते हैं: बेटी के लिए कितनी सीटें हैं, आयु क्या है, ऊंचाई की शर्त क्या है और कहां रहकर तैयारी करें? हर सरकारी तथ्य UPSC और सेवाओं की अपनी वेबसाइट से लिया गया है।

एनडीए में लड़कियों के लिए कितनी सीटें हैं?

अधिसूचना में सीटें हर सेवा के हिसाब से अलग-अलग बताई गई हैं। NDA और NA (II) 2026 में स्थिति यह थी:

अकादमी और सेवालड़केलड़कियां
NDA, थल सेना19810
NDA, नौसेना (एग्ज़ीक्यूटिव ब्रांच)375
NDA, वायुसेना (फ़्लाइंग)902
NDA, वायुसेना (ग्राउंड ड्यूटी, टेक्निकल)162
NDA, वायुसेना (ग्राउंड ड्यूटी, नॉन-टेक्निकल)82
नेवल एकेडमी (10+2 कैडेट एंट्री स्कीम)213
कुल37024

अधिसूचना इन्हें अनुमानित और अस्थायी बताती है, क्योंकि ये प्रशिक्षण-क्षमता पर निर्भर रहती हैं। अगले चक्र में संख्या बदल सकती है। अधिसूचना यह भी समझाती है कि पुरुष और महिलाएं अलग-अलग प्रवेश हैं: लिखित परीक्षा साझा होती है, पर परिणाम और अंतिम मेरिट सूची दोनों की अलग बनती हैं। यानी लड़की का मुक़ाबला दूसरी लड़कियों से होता है, लड़कों से नहीं।

सीटें कम होने का मतलब यह नहीं कि रास्ता मुश्किल है, बल्कि यह कि तैयारी का स्तर मायने रखता है। जो लड़की SSB पास कर मेडिकल में फ़िट पाई जाती है, उसका प्रशिक्षण उसी स्तर का होता है जो किसी कैडेट का।

क्या लड़कियां एनडीए में जा सकती हैं? पात्रता वही है

  • वैवाहिक स्थिति: अविवाहित होना ज़रूरी है और प्रशिक्षण पूरा होने तक शादी न करने का वचन देना होता है।
  • आयु: NDA-II 2026 के लिए जन्म 1 जनवरी 2008 से 1 जनवरी 2011 के बीच। लड़कों और लड़कियों की खिड़की एक ही है।
  • शिक्षा: थल सेना विंग के लिए 12वीं पास। वायुसेना, नौसेना और नेवल एकेडमी 10+2 एंट्री के लिए भौतिकी, रसायन, गणित के साथ 12वीं पास। 12वीं में पढ़ने वाली लड़कियां आवेदन कर सकती हैं; 11वीं वाली नहीं।
  • फीस: आवेदन शुल्क ₹100 है और महिला उम्मीदवारों को इससे छूट है।
  • पेपर: गणित 300 अंक और सामान्य योग्यता परीक्षा 600 अंक, फिर SSB के 900 अंक। सब कुछ लड़कों जैसा ही।

जन्म तिथि की शर्त को विस्तार से समझना हो तो एनडीए की योग्यता और आयु सीमा पेज पर उदाहरणों के साथ बताया गया है।

एनडीए में लड़कियों के लिए ऊंचाई और फिटनेस

"NDA me girls ke liye height" यह सबसे ज़्यादा खोजा जाने वाला सवाल है, पर इसका जवाब UPSC की अधिसूचना में नहीं मिलता। अधिसूचना कोई ऊंचाई-वज़न की तालिका नहीं छापती। वह परिशिष्ट III में कहती है कि मानक "Joint Order Manual of Medical Standards for Entry into Armed Forces" से तय होंगे, जो भारतीय सेना की भर्ती वेबसाइट पर उपलब्ध है, और उम्मीदवार आवेदन से पहले ख़ुद की जांच करा लें। इंटरनेट पर अलग-अलग वेबसाइटें अलग-अलग ऊंचाई बताती हैं और उनके आंकड़े आपस में मेल नहीं खाते, इसलिए हम यहां कोई संख्या नहीं लिख रहे। अपनी बेटी की जांच इसी मैनुअल के आधार पर किसी डॉक्टर से करवाएं और इसकी तारीख लिखकर रखें, क्योंकि मानक संशोधित हो सकते हैं।

अधिसूचना उन आम समस्याओं की सूची देती है जिन्हें पहले से ठीक कराया जा सकता है, जैसे कान में मैल, टॉन्सिलाइटिस, ज़्यादा या कम वज़न और छाती का छोटा आकार। वायुसेना की फ़्लाइंग ब्रांच के लिए अलग CPSS परीक्षा भी होती है।

फिटनेस का एक भरोसेमंद पैमाना CDS अधिसूचना से मिलता है। देहरादून की IMA और चेन्नई की OTA में पहुंचने वाली महिला अफ़सर कैडेट से अपेक्षा है कि वे 2.4 किमी की दौड़ 13 मिनट में पूरी करें, 15 पुश-अप, 2 पुल-अप और 25 सिट-अप कर सकें, 30-30 स्क्वाट के दो सेट और 10-10 लंजेस के दो सेट लगाएं और तैराकी की बुनियादी जानकारी रखें। ये एनडीए के प्रवेश परीक्षण नहीं हैं, पर बताते हैं कि दौड़, ताक़त और तैराकी की आदत कब से डालनी चाहिए।

चयन की प्रक्रिया: लिखित परीक्षा से मेडिकल तक

  1. लिखित परीक्षा: लड़कों वाला ही गणित और सामान्य योग्यता परीक्षा। गणित और GAT के भाग B का प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में आता है।
  2. SSB: पांच दिन की दो-चरणीय प्रक्रिया, तीन अलग मूल्यांकनकर्ता (इंटरव्यूइंग ऑफ़िसर, ग्रुप टेस्टिंग ऑफ़िसर और मनोवैज्ञानिक) और अंत में कॉन्फ्रेंस। हर परीक्षण का अलग वेटेज नहीं होता। SSB इंटरव्यू की पूरी प्रक्रिया अलग पेज पर है।
  3. मेडिकल: SSB में अनुशंसित उम्मीदवार सेवा के चिकित्सा अधिकारियों के बोर्ड से जांच कराते हैं।
  4. मेरिट सूची: महिलाओं की अलग सूची, घोषित महिला रिक्तियों के विरुद्ध।

एनडीए में प्रशिक्षण और जीवन

एनडीए का पाठ्यक्रम तीन साल का है और शुरुआती ढाई साल तीनों विंग के कैडेट के लिए एक जैसे होते हैं। पास होने पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की डिग्री मिलती है। थल सेना के कैडेट आगे देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी जाते हैं, जहां अधिसूचना में उन्हें जेंटलमैन या लेडी कैडेट कहा गया है। प्रशिक्षण का ख़र्च सरकार उठाती है और कैडेट को ₹56,100 प्रति माह का तय वज़ीफ़ा मिलता है। अकादमी में रहने की व्यवस्था सेना की होती है, इसलिए वहां के नियम चयन के बाद मिले जॉइनिंग निर्देशों में बताए जाते हैं।

एनडीए के अलावा लड़कियों के लिए और रास्ते

  • RIMC, देहरादून: कक्षा 8 में लड़के और लड़कियां दोनों प्रवेश पाते हैं। NTA बुलेटिन में हर टर्म में लगभग 25 लड़कों और 10 लड़कियों का अनुमानित प्रवेश बताया गया है। देखें आरआईएमसी प्रवेश प्रक्रिया।
  • सैनिक स्कूल: AISSEE 2026 बुलेटिन में कक्षा 6 में लड़कियों के लिए प्रवेश खुला है और कक्षा 9 में रिक्तियों की उपलब्धता के अनुसार। देखें सैनिक स्कूल में एडमिशन कैसे होता है।
  • स्नातक के बाद CDS: CDS-II 2026 में चेन्नई की ऑफ़िसर्स ट्रेनिंग अकादमी के महिला (नॉन-टेक्निकल) कोर्स के लिए 18 अनुमानित रिक्तियां थीं, उम्र 19 से 25 साल। उसी अधिसूचना में IMA और नौसेना अकादमी के लिए अविवाहित पुरुष उम्मीदवारों को पात्र बताया गया है।
  • मिलिट्री नर्सिंग सर्विस: नर्सिंग स्नातक पाठ्यक्रम का अलग रास्ता है, जिसकी तैयारी के बारे में MNS कोचिंग पेज पर बताया गया है।

देहरादून में रहकर तैयारी: माता-पिता किन बातों की जांच करें?

बेटी को घर से दूर पढ़ने भेजना बड़ा फ़ैसला है। किसी भी अकादमी के हॉस्टल को ख़ुद देखें और ये बातें लिखित में पूछें: आने-जाने का समय, बाहर निकलने की अनुमति कैसे मिलती है, रात में कौन ज़िम्मेदार होता है, बीमार पड़ने पर क्या व्यवस्था है और अभिभावकों को कितनी बार सूचना मिलती है।

GS India Defence Academy, देहरादून में लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल अलग हैं और रहने वाले छात्रों के लिए मेस चलता है। लड़कियां उसी एनडीए बैच में पढ़ती हैं जिसमें लड़के हैं, पर रहना अलग हॉस्टल में होता है। देहरादून में रहने वाली लड़कियां डे-स्कॉलर के रूप में भी आ सकती हैं। कक्षाएं अकादमी में ही लगती हैं, ऑनलाइन बैच नहीं हैं। माता-पिता के साथ आकर हॉस्टल और कक्षाएं देखने के लिए +91 70170 31757 पर फ़ोन या WhatsApp करके मुफ़्त काउंसलिंग का समय ले सकते हैं। फीस का ब्योरा फीस स्ट्रक्चर पेज पर है।

स्रोत और आधिकारिक लिंक

लड़कियों के एनडीए पर आम सवाल

FAQs

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एनडीए में लड़कियों के लिए कितनी सीटें हैं?

NDA और NA (II) 2026 की अधिसूचना में 394 में से 24 रिक्तियां महिलाओं के लिए थीं: थल सेना 10, नौसेना 5, वायुसेना 6 और नेवल एकेडमी 3। ये आंकड़े अनुमानित हैं और हर चक्र में बदल सकते हैं।

क्या लड़कियां 10वीं के बाद एनडीए दे सकती हैं?

नहीं। एनडीए के लिए 12वीं पास या 12वीं में पढ़ना ज़रूरी है। 10वीं के बाद लड़की विज्ञान स्ट्रीम चुनकर और तैयारी शुरू करके तैयार हो सकती है।

क्या एनडीए का पेपर लड़कियों के लिए अलग होता है?

नहीं। लिखित परीक्षा लड़कों और लड़कियों के लिए एक ही है। सिर्फ़ रिक्तियां और मेरिट सूची अलग बनती हैं।

एनडीए में लड़कियों की ऊंचाई कितनी चाहिए?

UPSC की अधिसूचना में ऊंचाई की कोई तालिका नहीं है। मानक Joint Order Manual of Medical Standards से तय होते हैं। सोशल मीडिया या कोचिंग साइटों के आंकड़ों पर भरोसा करने के बजाय डॉक्टर से इसी मैनुअल के अनुसार जांच करवाएं।

क्या लड़कियों को आवेदन शुल्क देना पड़ता है?

ताज़ा अधिसूचना में आवेदन शुल्क ₹100 है और महिला उम्मीदवारों को इससे छूट है।

क्या लड़कियां एनडीए के बाद आईएमए जाती हैं?

थल सेना विंग के कैडेट एनडीए के बाद देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी में एक साल का प्रशिक्षण पाते हैं। अधिसूचना में उन्हें जेंटलमैन या लेडी कैडेट कहा गया है।

क्या देहरादून में लड़कियों के लिए अलग हॉस्टल है?

GS India Defence Academy में लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल अलग हैं, और रहने वालों के लिए मेस चलता है। प्रवेश से पहले माता-पिता हॉस्टल देख सकते हैं।

बेटी की तैयारी देहरादून में कराने का सोच रहे हैं तो GS India Defence Academy की NDA Coaching for Girls in Dehradun पेज पर कोर्स और हॉस्टल की व्यवस्था पढ़ें। अंग्रेज़ी में पूरा गाइड NDA for Girls: Eligibility पर है।

बेटियों के लिए

बेटी की एनडीए तैयारी: हॉस्टल देखें, फिर फ़ैसला करें